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Sunday, 24 July 2011

आनन्द.....



अर्पित आनन्द को....

आनन्द तुम आनन्दित कर दो

जीवन में उल्हास भरो
मुस्कान खेलती अधरों पर
स्नेहिल ममता आंचल में भर दो
आनन्द तुम आनन्दित कर दो....
ले लो तुम सब आँसूं मेरे ..
उन आँसूं से भीगा आँचल..
ले लो सब तन्हाई मेरी
मेरी सांसे, दिल की धड़कन..
बस दे दो कुछ
भोली सी बातें,
और..
गोदी में एक नन्हा बचपन
ना ताज तख़्त ना ताज महल
एक सुंदर प्रेम नगर दो..
आनन्द तुम आनन्दित कर दो ...

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